नहीं बदलेगा मतगणना का तरीका, चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की पहले VVPAT मिलान की मांग खारिज की

लोकसभा चुनावों की गुरुवार सुबह से होने वाली वोटों गिनती तय तरीके से ही होगी। चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों को झटका देते हुए पहले वीवीपीएटी की पर्चियों के ईवीएम से मिलान की मांग को खारिज कर दिया है। ईवीएम-वीवीपीएटी के मुद्दे पर चुनाव आयोग ने अपनी बड़ी बैठकर कर इस संबंध में फैसला लिया। इस बैठक में आयोग के सीनियर अधिकारियों के साथ चुनाव आयुक्त अशोक लवासा भी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि यदि आयोग विपक्षी दलों की मांग पर राजी होता है मतगणना में 2-3 दिन का समय लग सकता है।

 

बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले मंगलवार को कांग्रेस, एसपी, टीएमसी समेत 22 दलों ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की थी। विपक्ष ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि 23 मई को मतगणना शुरू होने से पहले बिना किसी क्रम के चुने गए पोलिंग स्टेशनों पर वीवीपीएटी पर्चियों की जांच की जाए। उधर, चुनाव आयोग ने बयान जारी कर स्ट्रांगरूम्स में रखे गए ईवीएम की सुरक्षा को लेकर जाहिर की जा रही तमाम आशंकाओं को खारिज कर दिया है।


विपक्षी दलों की मांग है कि अगर किसी एक बूथ पर भी वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान सही नहीं पाया जाता तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र में सभी मतदान केंद्रों की वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की जाए और इसका ईवीएम रिजल्ट्स से मिलान किया जाए।