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आम आदमी का सूपड़ा साफ़, नहीं मिल रही है एक भी सीट

लोकसभा चुनाव 2019 वोटों की गिनती शुरू हो गई है और आज यानी गुरुवार नतीजे का दिन है. बीजेपी और कांग्रेस दफ्तर में जहां पूजा और हवन जारी है. वहीं आम आदमी पार्टी के दफ्तर के बाहर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है. जबकि 2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजे से पहले दिल्ली और पंजाब दोनों जगह पार्टी दफ्तर को फूल और गुब्बारों से पूरी तरह से सजाया गया था. हालांकि नतीजे आम आदमी पार्टी के पक्ष में नहीं आए थे.

बता दें कि दिल्ली की सभी सात और पंजाब की 13 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं. एग्जिट पोल के हिसाब से आम आदमी पार्टी महज एक सीट जीतती नजर आ रही है. जबकि 2014 में बीजेपी पंजाब से चार सीटें जीतने में कामयाब रही थी.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सातों सीटों पर चुनावी मैदान में है. इनमें चांदनी चौक से पंकज गुप्ता, पूर्वी दिल्ली से आतिशी, उत्तर पश्चिम दिल्ली से गुगन सिंह, दक्षिण दिल्ली से राघव चड्ढा, नई दिल्ली से बृजेश गोयल, पश्चिम दिल्ली सीट से बलवीर जाखड़ और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडेय मैदान में है.

अन्ना आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी का गठन किया था. 2013 में दिल्ली के विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाया था, लेकिन बहुमत नहीं मिल सका था. कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाया था. लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने इस्तीफा देकर वाराणसी सीट से नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे, पर जीत नहीं सके. हालांकि केजरीवाल को दो लाख के करीब वोट मिले थे और दूसरे नंबर पर रहे थे.

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