15 अगस्त को आएगी देश के एक ऐसे वैज्ञानिक की कहानी, कांग्रेस सरकार में गए जेल , बीजेपी ने दिया पद्मभूषण

Deepak Dobhal January 14, 2021
Madhavan's transformation for Nambi Narayanan biopic

अभिनेता से निर्माता और फिर निर्देशक बन चुके आर माधवन की फिल्म ‘रॉकेट्री’ का इंतजार लगता है जल्द खत्म होने वाला है। देश की प्रगति के एक गुमनाम हीरो की कहानी को लेकर हिंदी फिल्म बाजार काफी गर्म है। कांग्रेस की सरकार में बेइज्जत हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक नंबी नारायणन को बीजेपी की सरकार ने बीते साल ही देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया है। जानकारी के मुताबिक ये फिल्म इस साल 15 अगस्त को रिलीज होने की कतार में है।

अंतरिक्ष वैज्ञानिक नंबी नारायणन की बायोपिक पर अभिनेता आर माधवन पिछले तीन साल से काम करते रहे हैं, उससे पहले उन्होंने दुनिया के कई देशों का दौरा इस फिल्म की रिसर्च के लिए भी किया। फिल्म ‘रॉकेट्री’ की शूटिंग दुनिया के पांच देशों में की गई है और इसके हिंदी संस्करण में माधवन के साथ अभिनेता शाहरुख खान और तमिल संस्करण में वहां के सुपरस्टार सूर्या ने काम किया है। फिल्म को हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगू, मलयालम, और कन्नड़ भाषाओं मे तैयार किया गया। माधवन ने फिल्म का अंग्रेजी में एक अंतर्राष्ट्रीय संस्करण भी अलग से शूट किया है।

माधरन की फिल्म ‘रॉकेट्री’ के ओटीटी अधिकारों के लिए दो बड़ी अमेरिकी कंपनियों में लगातार होड़ लगी रही है। जानकारी मिली है कि इस फिल्म के सिर्फ ओटीटी अधिकारों के लिए माधवन को एक बहुत बड़ी रकम ऑफर की गई है।

नंबी नारायणन. ISRO के पूर्व वैज्ञानिक. उनपर जासूसी का झूठा आरोप लगाया गया. ग़ैरक़ानूनी तरीके से उन्हें गिरफ़्तार किया गया. कस्टडी में रखकर पुलिस ने उन्हें टॉर्चर किया. अपने साथ हुए सलूक के विरुद्ध नंबी अदालत गए. उसी केस को सलटाने के लिए केरल सरकार अब उन्हें 1.3 करोड़ रुपये का मुआवज़ा देगी. 26 दिसंबर 2019  को केरल में कैबिनेट ने इस मुआवाज़े के लिए अपनी मंज़ूरी दे दी है. ये रकम उस 50 लाख रुपये के मुआवज़े से अलग है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नंबी को दिया गया था.