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‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गाना लता जी ने नेहरू के लिए गाया, गलत जानकारी दे ट्रोल हुए विशाल डडलानी

विशाल डडलानी अपने इतिहास की समझ को लेकर सोशल मीडिया में ट्रोल्स के निशाने पर हैं। इंडियन आइडल के एपिसोड का एक हिस्सा ट्वि्टर पर शेयर करते हुए लोग उन पर निशाना साध रहे हैं। दरअसल एक प्रतिभागी ने शो में ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गाना गाया था। इस गीत के बाद प्रतिभागी की सराहना करते हुए विशाल डडलानी ने कहा कि इस गाने को खुद लता मंगेशकर ने 1947 में देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू के लिए गाया था। यह दुनिया का एकमात्र गाना है, जो सही मायनों में ऑल टाइम हिट है। लता मंगेशकर जैसा तो कोई नहीं गा सकता है। इसकी धुन भी बहुत अच्छी बनाई गई है, लेकिन आपकी कोशिश बहुत अच्छी है।

 

विशाल डडलानी अपनी इसी टिप्पणी के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। उन्होंने जो जानकारी इंडियन आइडल में इस गाने को लेकर दी थी, वह वास्तव में गलत है। दरअसल इस गाने को 1962 के दौर में कवि प्रदीप ने लिखा था। इस गाने की धुन तब के मशहूर संगीतकार रहे सी. रामचंद्रन ने दी थी और लता मंगेशकर ने गाया था। कहा जाता है कि इसके पीछे का मकसद उस दौर में जब 1962 में चीन के विश्वासघात और उससे युद्ध में मिली हार के बाद भारतीयों का मनोबल बढ़ाना था, जो चीन के हमले और भारत की करारी हार के बाद गिर चुका था।

 

इस टिप्पणी के बाद से ही विशाल डडलानी ट्विटर पर लगातार ट्रोल हो रहे हैं। यहां तक कि पूर्व विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल ने भी विशाल डडलानी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है। स्वराज कौशल ने लिखा है, ‘यह हैं म्यूजिक डायरेक्टर विशाल डडलानी। इतिहास, संगीत और भारत रत्न एवं दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मान दो-दो लोगों के बारे में उन्हें बेहद खराब जानकारी है।’ स्वराज कौशल की इस पोस्ट पर तमाम लोगों ने विशाल डडलानी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह एक ही पक्ष के अजेंडे के मुताबिक बात करते हैं।

 

यही नहीं एक बाद एक कई ट्वीट कर स्वराज कौशल ने इस गाने के बारे में पूरी जानकारी दी है। विशाल डडलानी पर तंज कसते हुए स्वराज कौशल ने एक और ट्वीट में लिखा है, ‘लता जी का जन्म ही 1929 में हुआ था और वह 1947 में महज 18 साल की थीं। एक और ट्वीट में गाने का पूरा इतिहास बताते हुए स्वराज कौशल ने लिखा है, ‘लता मंगेशकर जी ने ‘ऐ मेरे वतन के लोगों गीत’ 26 जनवरी, 1963 को दिल्ली में गाया था। इसे कवि प्रदीप ने लिखा था। गीत को सुनने के बाद भरे गले से पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कहा था, ‘लता बेटी, तुम्हारे गीत ने मुझे रुला दिया…।’

 

 

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